AZAMATRAZASHAMSI 55f3c74a4ec0a420f417a97e PK2spsISXbg8pkaZmkaoAGlpeMUxvQULJSOPkjL/T23wogDo8TyJ6MJUiLN/2JZTygg8UnkAG7slBvuC37p7yA== False 4 0
OK

AZAMAT RAZA SHAMSI

About

INDIVIDUAL LEVEL ELECTION MANAGEMENT SERVICES

Latest update

पहले मध्य प्रदेश नगर निकाय फिर राजस्थान नगर निकाय और अब बैंगलोर नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने जीत का झंडा लहरा दिया है. बीजेपी ने स्थानीय स्तर के इन चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाई है. लेकिन पार्टी की असली परीक्षा बिहार में होने वाली है. बिहार में चुनावी माहौल जम चुका है और अगले हफ्ते तारीखों का एलान भी हो जाएगा. अब सवाल ये है कि क्या बीजेपी बिहार की जंग आसानी से जीत जाएगी या फिर चुनावी चक्रव्यूह में फंसती जा रही है बीजेपी ?   टिकट बंटवारा, सीट का फैसला, सीएम का दावेदार ये सब तो गठबंधन का अंदरुनी मामला है. लेकिन चुनाव से ठीक पहले बीजेपी जिन विवादों में घिर रही है उससे आने वाले दिनों में पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है. वसुंधरा, व्यापम का विवाद भले ही ठंडा हो गया है, लेकिन प्याज और अच्छे दिन वाला बयान अगर चुनाव में मुद्दा बन गया तो फिर पार्टी के नेताओं को लेने के देने पड़ सकते हैं. प्याज के दाम की वजह से दिल्ली में सुषमा स्वराज की सरकार जब थी तब वो विधानसभा का चुनाव हार गई थी. लेकिन इस बार का प्याज राज्य का मुद्दा ही नहीं है. इस बार का प्याज केंद्र सरकार के आंसू निकाल रहा है. लालू और नीतीश की पार्टी तो सभाओं में प्याज का जिक्र करने लगी है. अगर जल्द ही प्याज के दाम को कंट्रोल नहीं किया गया तो फिर चुनाव में महंगाई ब़ड़ा मुद्दा बन जाएगा .   प्याज बिहार के देहाती और छोटे बाजारों में भी 60-70 रुपये किलो बिक रहा है. दाल तो पहले से सौ के पार है. सरसों तेल भी सौ के आंकड़े को पार कर चुका है. चुनाव से पहले और चुनाव के बाद बीजेपी ने अच्छे दिन का वादा किया था. सरकार का जब पहला साल पूरा हुआ था तब मोदी ने मथुरा में बुरे दिन गए के नारे दिये थे. लेकिन महंगाई के मोर्चे पर लोगों के न तो अच्छे दिन आए और ना ही बुरे दिन गए.   अच्छे दिन के नारे से पलटी मार कर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पार्टी को एक और पलीता लगाया है. सोमवार को तोमर ने कह दिया कि अच्छे दिन का वादा बीजेपी ने नहीं किया था. बल्कि ये नारा मीडिया ने गढ़ा था. तोमर शायद ये भूल गये कि चुनावी रैलियों में मोदी खुद इस नारे की आधी बात बोलते थे और आधी बात लोगों से बुलवाते थे. टीवी विज्ञापनों में सुबह से लेकर शाम तक अच्छे दिन आने वाले हैं वाला गाना ही बजता था. अब तोमर कह रहे हैं कि उन्होंने यानी उनकी पार्टी ने ऐसा कभी नहीं कहा. बोलने से पहले बीजेपी के इन नेताओं को पहले सोच लेना चाहिए था. इन मंत्रियों का नेटवर्क और जनरल नॉलेज इतना कमजोर है अगर लोग ये जानेंगे तो फिर चुनावी लड़ाई में विरोधियों के आगे कैसे टिकेंगे ?   अमित शाह का जुमला वाला बय़ान पहले से पार्टी के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. बिहार चुनाव में हर जगह नीतीश कुमार एबीपी न्यूज को दिये अमित शाह के जुमला वाले बयान का टेप बजाकर लोगों को सुना रहे हैं. विरोधियों ने तोमर के अच्छे दिन वाले बयान से पलटने को उसी सीरीज का अगला भाग तक कहा है. बात तो जुबान से निकल चुकी है. अब हर जगह इसका टेप भी बजेगा. सवाल ये है कि अगर किसी चीज की कुव्वत नहीं तो फिर वादे क्यों करते हैं ? और वादा किया है तो फिर सवाल तो पूछे जाएंगे ही. देश ने 30 साल बाद आपको बहुमत इसलिए थोड़े दिया था कि आप रोज रोज जुमलेबाजी करिए.   विरोधी बिहार में लोगों को ये समझा रहे हैं कि सवा लाख करोड़ के पैकेज का जो एलान हुआ है वो भी जुमला साबित होने वाला है. जिस तरीके से बीजेपी के नेता पलटी मारने में जुटे हैं उससे लालू और नीतीश को जुमलेबाजी वाली बात समझाने में आसानी भी हो रही है. बिहार के लोगों के दिलो-दिमाग पर ये बात जम गई और बेहतर विकल्प चुनाव में उम्मीदवार या पार्टी के रूप में लोगों को मिल गया तो फिर बीजेपी ढोल बजाती रह जाएगी . हां ये हकीकत है कि बिहार में अभी बीजेपी सब पर बीस दिख रही है. लेकिन हवा निकलते और हवा का रुख बदलते भी देर नहीं लगती . इसलिए जरूरी है कि बिहार के माहौल को समझते हुए बड़े नेता हल्की बात बोलने से बचें.   सिर्फ चुनावी मुद्दों से पार्टी की परेशानी नहीं बढ़ रही. पार्टी में जुबानी जमाखर्च करने वाले कई खलनायक हैं. अब शत्रुघन सिन्हा को ही देख लीजिए. इनको न जाने बीजेपी क्यों झेल रही है? रोज इनका ऐसा बयान आ रहा है जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है. फिर भी इनके बारे में चुप्पी साधे हुए हैं. पार्टी को बुलाकर इनसे बात करनी चाहिए. अगर बात नहीं सुनते तो फिर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए. लेकिन नहीं कायस्थ वोट कहीं बिदग न जाए इसलिए इनको सुन रहे हैं. अरे चुनाव बाद आप कुछ कर ही लीजिएगा तो क्या हो जाएगा ? जो बनना बिगड़ना होगा तब तक बिगड़ चुका होगा.   गुजरात में आरक्षण की लड़ाई को लेकर जो हो रहा है क्या उससे बिहार का चुनाव अछूता रह पाएगा ?  बिल्कुल नहीं. आंदोलन चलता रहा तो फिर हार्दिक पटेल भी मुद्दा बन जाएगा. लालू जिस मंडल बनाम कमंडल की ओर लड़ाई ले जाना चाहते हैं उस लड़ाई में हार्दिक पटेल का ये आंदोलन महागठबंधन की राजनीति को फायदा पहुंचाएगा. नरेंद्र मोदी अपने गुजरात मॉडल के दम पर विकास की गाथा सुनाते रहे हैं. उसी विकसित राज्य से आरक्षण की आवाज उठ रही है. उठाने वाले लोग नीतीश कुमार की बिरादरी के हैं. आरक्षण की आग की ये लपटें अगर बिहार में पहुंचती है तो फिर लालू को राजनीति को अलग रंग लेने से कोई नहीं रोक पाएगा. आज हार्दिक पटेल ने नीतीश कुमार का अपने मंच से नाम भी लिया है. संकेत बीजेपी को समझ लेने की जरूरत है. वन रैंक वन पेंशन को लेकर दिल्ली में चल रहा अनशन कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है. उससे जल्द नहीं निपटा गया तो फिर मामले को भावनात्मक रंग लेते देर नहीं लगेगी. सीमा पार से फायरिंग, पाकिस्तान से बातचीत का रद्द होना सहित और भी कई मुद्दे हैं जिसे उठाकर विरोधी ताकत को डायवर्ट करने की कोशिश कर सकते हैं.   टिकट बंटवारे को भी पार्टी जल्द सुलझा ले तो बेहतर है. जिस तरीके से सहयोगी पार्टी के नेता मीडिया में बयानबाजी कर रहे हैं उससे भी जनता में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा. लाल-नीतीश से खुद को अलग बताने वाले लोग पब्लिक में एक्सपोज हो रहे हैं. तो फिर सवाल पूछा ही जाएगा कि तुम उनसे अलग कैसे हो ?   ये सब चीजें ऐन चुनाव से पहले हो रही है. बीजेपी को सतर्क होकर इससे निकलने की जरूरत है. अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर बीजेपी विरोधियों के चक्रव्यूह में फंस सकती है. बिहार का चुनाव जहां लालू और नीतीश के लिए अस्तित्व का सवाल है वहीं बीजेपी के लिए और खासकर नरेंद्र मोदी के सम्मान और कठिन परीक्षा का चुनाव है.
view all updates 1442318675

Products

View All

Our timings

[IS_BIZ_OPEN] Mon: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Tue: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Wed: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Thu: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Fri: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Sat: Closed  -  Closed
[IS_BIZ_OPEN] Sun: Closed  -  Closed

Contact

ACTION AREA 3,
+91 8585000101  or   or    (Trouble calling us?)
Share Tweet
False

SUBSCRIBE

More

0 88.510596 AZAMAT RAZA SHAMSI ACTION AREA 3,
55f3c74a4ec0a420f417a97eAZAMATRAZASHAMSI57c3c1a65d64370d7cf4eb17